जॉर्ज फ्लॉयड 46 वर्षीय व्यक्ति थे, जो टैक्सास के ह्यूस्टन में रहते थे। उनके दोस्तों से मिली जानकारी के अनुसार वह शांत मिज़ाज़ व्यक्ति थे, वह फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलने में रुचि रखते थे, जॉर्ज फ्लॉयड एक प्रतिभाशाली ऐथलीट थे। वह ह्यूस्टन से मिनिपोलिस काम की तलाश में आए थे। एक दिन वह किसी स्टोर में सामान ख़रीद रहे थे, स्टोर मालिक को लगा जॉर्ज लॉयड ने उन्हें नक़ली मुद्रा दी है, इसके बाद स्टोर मालिक ने पुलिस को फ़ोन किया तथा जब जॉर्ज फ्लॉयड अपनी गाड़ी के पास जा रहे थे, तब श्वेत पुलिस ने उन्हें उनकी गाड़ी से दूर खड़े होने को कहा, जॉर्ज फ्लॉयड के विरोध करने पर श्वेत पुलिस वाले ने अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड को सड़क पर गिरा दिया और उनके ऊपर अपना घुटना रख दिया, यह सिलसिला तक़रीबन आठ मिनट तक चला, जॉर्ज लॉयड लगातार यही चिल्ला रहा था “मुझे साँस नहीं आ रही है” कुछ समय बाद जॉर्ज फ्लॉयड शांत पड़ गया। तब तक वहाँ पर भीड़ जमा हो चुकी थी। भीड़ ने जॉर्ज फ्लॉयड को शांत पड़ा देखकर श्वेत पुलिस वाले को उसकी नब्ज़ देखने को कहा, इसके बाद जॉर्ज फ्लॉयड को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टर ने जॉर्ज फ्लॉयड को एक घंटे के भीतर मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अमेरिका में जमकर प्रोटेस्ट हुआ। जॉर्ज फ्लॉयड द्वारा कहे गए अंतिम शब्द “मुझे साँस नहीं आ रही है” को लोगों ने नारा बनाया। वह लगातार इसी नारे के माध्यम से अपना रोष प्रकट कर रहे थे, इस घटना के बाद श्वेत पुलिस कर्मी को गिरफ़्तार कर लिया गया। लोगों ने श्वेत पुलिसकर्मी पर जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या का आरोप लगाया। अमेरिका के 17 ज़िले धूं धूं कर जल रहे हैं, लोगों ने प्रोटेस्ट की आड़ में दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट भी की। अमेरिका में व्हाइट हाउस के सामने जमकर ट्रम्प विरोधी नारे लगाए। अमेरिका में श्वेत में विवाद सालों से चला आ रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here