सुशांत सिंह. उनकी मौत के बाद से बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद यानी नेपोटिज़म को लेकर बहस चल रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर लेखक चेतन भगत का एक ट्वीट वायरल हो रहा है. ट्वीट नवंबर 2015 का है. 24 जून को अर्जुन कपूर ट्विटर पर टॉप ट्रेंड रहे. वजह चेतन भगत का यही पुराना ट्वीट. राइटर चेतन भगत का ये ट्वीट ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ की कास्टिंग से जुड़ा है.

फिल्म ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ 2017 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर ने लीड रोल प्ले किया था. इस फिल्म को चेतन भगत की किताब ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ की कहानी पर बनाया गया था. चेतन भगत का जो ट्वीट वायरल हो रहा है, उसमें उन्होंने लिखा था,

यह बताते हुए काफी खुशी हो रही है कि सुशांत सिंह राजपूत, मोहित सुरी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ में लीड रोल करेंगे. शूटिंग 2016 से शुरू होगी.

चेतन भगत के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉर्ट

चेतन भगत का यह पुराना ट्वीट अब वायरल हो रहा है और लोग अर्जुन कपूर और बॉलीवुड पर निशाना साध रहे हैं. भाई-भतीजावाद का आरोप लगा रहे हैं.

एक यूजर ने लिखा,

देखें, भ्रष्ट बॉलीवुड में भाई-भतीजावाद कैसे काम करता है. अर्जुन ने सुशांत सिंह राजपूत को हटाकर यह फिल्म हासिल की. पापा हैं ना.

एक अन्य यूजर ने लिखा,

पहले आदित्य ने सुशांत को रिप्लेस किया, फिर रणबीर ने सुशांत को रिप्लेस किया. फिर अर्जुन कपूर ने सुशांत की जगह ले ली. ओके. कितने लोगों का मानना है कि यह सुशांत से साथ महज एक संयोग था. या फिर यह अन्याय है. प्लीज सुशांत को सपोर्ट करें नहीं तो हमें जल्द ही कुछ और सुशांत देखने को मिल सकते हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक सुशांत फिल्म ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ और ‘फितूर’ के लिए पहली पसंद थे, लेकिन उन्होंने इन दोनों फिल्मों को जाने दिया. क्योंकि उनकी डेट्स राब्ता से क्लैश रही थी. 2016 में एक इंटरव्यू में उनसे इस बारे में पूछा गया था. सुशांत ने कहा था,

देखिए, मैं कई फिल्में कर रहा था और वे अब रिलीज़ हो रही हैं. मैं उनका नाम नहीं लेना चाहता. क्या होता है, जब मैं किसी को वचन देता हूं और वह देरी कर रहा होता है (इसलिए नहीं कि वह चाहता है, बल्कि किसी विशेष कारण से) तो मुझे यह समझ में आता है.

उन्होंने आगे कहा था,

लोग सोचते हैं कि मैंने अपने मेंटर अभिषेक कपूर की फिल्म ‘फितूर’ छोड़ दी, लेकिन ऐसा नहीं है. मुझे बताया गया कि फिल्म अक्टूबर में शुरू होगी, इसलिए मैंने खुद को उस समय के लिए फ्री रखा. मैं सितंबर से ही इसके लिए तैयार था. अक्टूबर आया, नवंबर बीत गया, लेकिन यह शुरू नहीं हुआ. 15 दिसंबर को मैंने फैसला किया कि मैं ‘पानी’ और हो सकता है ‘फितूर’ करूं. लेकिन मैंने वॉकआउट नहीं किया. मैं कई महीनों तक बैठा रहा.

इस मामले में अभी बाकी पार्टियों की तरफ से कोई बयान नहीं आया है.

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