के विभिन्न पंचायतो में डा0 ऱेड्डीज् फाउन्डेशन के माध्यम से मित्रा कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार दिलाना!

मित्रा कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रखंड के अग्रणी किसानों को जिले के कृषि विकास संस्थान – राजेन्द्र केंद्रीय कृषि विश्व विधालय पुसा से विभिन्न फसलों पे प्रशिक्षण कराया जाता है, ताकि किसान कम लागत में उन्नत फसल ले सके!
इस बार खरीफ फसल को लेकर मित्रा कार्यक्रम से जुड़े अग्रणी किसानों को धान की सीधी बुआई, ड्रम सीडर मशीन से करने के बारे में जानकारी व मशीन उपलब्ध कराया गया है! किसान विग्यान केन्द्र बिरौली के वैग्यानिकों को कहना है कि इस बिधि से किसानों को समय व मजदूरों की बचत होती है, जिससे किसानों को शुरु से यानि रोपाई के समय से ही फायदा मिलना शुरु हो जाता है!
इस विधि से धान लगाने पर किसान भाइयों को बिचड़ा यानि नर्सरी लगानी नहीं परती है तथा मजदूरों की जरुरत ना के बराबर होता है! बरे से बरे किसान खुद मेहनत कर ईस नशीन से धान की बुआई कर सकते हैं !
प्रखंड के भोरेजयराम गांव के अग्रणी किसान श्री राकेश कुमार महतो के खेत में ड्रम सीडर मशीन से धान की सीधी बुआई किया गया, जिसे देखने व प्रोत्साहन देने पंचायत के किसान सलाहकार व अन्य साथी किसान भाइयों ने भी भाग लिया! कार्यक्रम के प्रबंधक नितेन्द्र कुमार जी, का कहना है कि हम खानपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतो में डेमो प्लाट ( प्रदर्शन प्रक्षेत्र) अपने अग्रणी किसानों से लगवायेंगे ताकि किसानों को इस तकनिक के बारे में पता चले, व ज्यादा से ज्यादा किसान भाइयों तक इस बिधि का प्रचार प्रसार हो सके !खानपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतो में डा0 ऱेड्डीज् फाउन्डेशन के माध्यम से मित्रा कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार दिलाना!
मित्रा कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रखंड के अग्रणी किसानों को जिले के कृषि विकास संस्थान – राजेन्द्र केंद्रीय कृषि विश्व विधालय पुसा से विभिन्न फसलों पे प्रशिक्षण कराया जाता है, ताकि किसान कम लागत में उन्नत फसल ले सके!
इस बार खरीफ फसल को लेकर मित्रा कार्यक्रम से जुड़े अग्रणी किसानों को धान की सीधी बुआई, ड्रम सीडर मशीन से करने के बारे में जानकारी व मशीन उपलब्ध कराया गया है! किसान विग्यान केन्द्र बिरौली के वैग्यानिकों को कहना है कि इस बिधि से किसानों को समय व मजदूरों की बचत होती है, जिससे किसानों को शुरु से यानि रोपाई के समय से ही फायदा मिलना शुरु हो जाता है!
इस विधि से धान लगाने पर किसान भाइयों को बिचड़ा यानि नर्सरी लगानी नहीं परती है तथा मजदूरों की जरुरत ना के बराबर होता है! बरे से बरे किसान खुद मेहनत कर ईस नशीन से धान की बुआई कर सकते हैं !
प्रखंड के भोरेजयराम गांव के अग्रणी किसान श्री राकेश कुमार महतो के खेत में ड्रम सीडर मशीन से धान की सीधी बुआई किया गया, जिसे देखने व प्रोत्साहन देने पंचायत के किसान सलाहकार व अन्य साथी किसान भाइयों ने भी भाग लिया! कार्यक्रम के प्रबंधक नितेन्द्र कुमार जी, का कहना है कि हम खानपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायतो में डेमो प्लाट ( प्रदर्शन प्रक्षेत्र) अपने अग्रणी किसानों से लगवायेंगे ताकि किसानों को इस तकनिक के बारे में पता चले, व ज्यादा से ज्यादा किसान भाइयों तक इस बिधि का प्रचार प्रसार हो सके !

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