बिहार सरकार ने नेस्ले, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन, जुबलिएंट फूड व पराग मिल्क समेत 24 कंपनियों को राज्य में निवेश का निमंत्रण दिया है। इन कंपनियों को राज्य में निवेश करने पर होने वाले लाभ के बारे में बताया है। उद्योग मंत्री श्याम रजक ने इन कंपनियों को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य की विकास दर 11.3 फीसदी है और इस विपरीत परिस्थिति में भी 10.5 ग्रोथ रेट बनाए हुए है।

आगे उन्होंने लिखा है कि राज्य का मक्का के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान, हनी में चौथा और सब्जी में 7वां स्थान है यानी फूड प्रोसेसिंग के लिए प्रचुर रॉ मेटेरियल्स उपलब्ध है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बिहार औद्योगिक नीति-2016 के प्राथमिक सूची में है। आईटीसी जैसी बड़ी कंपनी राज्य के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की है। वहीं औद्योगिक नीति के तहत उद्यमियों के लिए ब्याज सब्सिडी, 30 दिन के अंदर डीम्ड क्लियरेंस और जीएसटी प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं दी जा रही है। निवेशकों के मदद के लिए निवेश आयुक्त का पद सृजित कर उनकी पोस्टिंग की गई है।

इन कंपनियों काे राज्य सरकार ने लिखा पत्र : केआरबीएल, एलटी फूड, चमनलाल सेतिया एक्सपोर्ट, नेस्ले इंडिया, हैटसंग एग्रोप्रोडक्ट, टेस्टी बाइट इटेबल, प्रताप स्नैक्स, हिंदुस्तान फूड, हेरिटेज फूड, डीएफएम फूड, पराग मिल्क फूड, सायजी इंडस्ट्रीज, जीआरएम ओवरसीज, जुबिलेंट फूडवर्क्स, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन कंज्यूमर हेल्थकेयर, बाटा इंडिया, रिलेक्सो फुटवेयर, मिर्जा इंटरनेशनल, खादिम इंडिया, हाइडसाइन, प्रिंसपाइप्स, आस्ट्रल पॉली तकनीक, फाइनोलेक्स इंडस्ट्रीज और जैन इरीग्रेशन आदि।

उद्योग मंत्री श्याम रजक ने कंपनियों को लिखा पत्र, कहा-बड़ा उपभोक्ता राज्य हाेने के साथ हमारी विकास दर 10.5 फीसदी : उद्योग मंत्री ने कंपनियों से कहा है कि बिहार में निवेश करने पर उन्हें कई तरह का लाभ मिलेगा। बिहार खुद में एक बड़ा बाजार है। यहां से उत्तर-पूर्व के राज्य, बंगाल, यूपी, झारखंड और ओडिसा को आसानी से उत्पाद भेजे जा सकते हैं। वहीं नेपाल, भूटान और बांग्लादेश को निर्यात भी किया जा सकता। सर्विस सेक्टर खासकर के हेल्थकेयर, तकनीकी संस्थान और आईटी में निवेश के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं।

Input – ABP

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