हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की 10 जुलाई को कथित मुठभेड़ में मौत हो गई. कानपुर में 10 जुलाई की शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. विकास का अंतिम संस्कार भैरव घाट पर किया गया. अंतिम संस्कार में विकास के कुछ करीबी रिश्तेदार मौजूद थे. पत्नी ऋचा, छोटा बेटा और बहनोई दिनेश तिवारी मौजूद थे. अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया ने ऋचा से बात करनी चाही तो वह भड़क गईं. गुस्से में और चिल्ला-चिल्लाकर बात की. हालांकि कहा कि उसके पति ने गलत किया था.

मीडिया से ऋचा ने क्या कहा?

मीडिया के लोगों ने ऋचा से पूछा कि क्या विकास दुबे ने गलती की थी? इस पर ऋचा ने चिल्लाते हुए हां में जवाब दिया. कहा,

हां, सब ठीक होगा. जिसने गलती की उसके सजा मिलेगी.

फिर जब पूछा गया कि क्या उसके साथ सही हुआ? ऋचा ने चिल्लाते हुए कहा,

हां सही हुआ. चले जाओ यहां से. मुझे कुछ नहीं कहना.

आज तक की खबर के अनुसार, ऋचा ने आगे कहा,

भाग जाओ, जिसने जैसा सलूक किया है, उसको वैसा ही सबक सिखाऊंगी. अगर जरूरत पड़ी तो बंदूक भी उठाऊंगी.

ऋचा और उनके बेटे को बाद में कार से लखनऊ भेज दिया गया. लखनऊ में विकास दुबे के भाई का मकान है. विकास की मां सरला देवी वहीं रह रही थीं. विकास का बिकरू गांव वाला मकान 3 जुलाई को गिरा दिया गया था.

विकास दुबे के अंतिम संस्कार में उसकी पत्नी, छोटा बेटा और करीबी रिश्तेदार मौजूद थे. (Photo: PTI)

मां ने कहा- विकास से लेना-देना नहीं

विकास के अंतिम संस्कार में उसके माता-पिता नहीं आए. अमर उजाला की खबर के अनुसार, पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर के बाद विकास की मां सरला देवी को जानकारी दी गई थी. उनसे पूछा गया था कि क्या वह कानपुर जाना चाहती हैं? लेकिन उन्होंने मना कर दिया. कहा कि विकास से कोई लेना-देना नहीं है. वह कानपुर नहीं जाएंगी.

पिता बोले- विकास की यही गति होनी थी

वहीं विकास के पिता राम कुमार दुबे ने कहा कि अगर कोई दीवार में सिर मारेगा तो सिर ही फूटेगा, दीवार नहीं. विकास की यही गति होनी थी. बता दें कि विकास दुबे के पिता बीमार रहते हैं. 2 और 3 जुलाई की रात को पुलिस पर हमले के समय वह बिकरू गांव में ही थे.

उज्जैन से लाते समय रास्ते में मारा गया विकास

विकास दुबे कानपुर से 17 किमी पहले कथित एनकाउंटर में मारा गया था. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बताया कि रास्ते में भैंसों के आने के चलते गाड़ी पलट गई. इसके बाद विकास ने भागने की कोशिश की. रोकने पर गोली चलाई. जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई. विकास दुबे 2 और 3 जुलाई की रात को पुलिस टीम पर हमले के मामले में वॉऩ्टेड था. इसके बाद से पुलिस और एसटीएफ लगातार विकास दुबे की तलाश कर रही थी. 9 जुलाई को विकास को उज्जैन में महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था.

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