क्या कोरोना के बाद अब कुदरती कहर लोगों को करेगा परेशान |

क्या यह कुदरत की सिर्फ एक झलक है अभी आगे बहुत कुछ होना बाकी है..

आपको इन सारे सवालों का जवाब मिलेगा

जिस तरह देश में एक के बाद एक कुदरती कहर नजर आ रही है ,
उससे अब यह कहा जा रहा है कि अब धरती पर विनाश की घड़ी आ चुकी है।
यह हम नहीं कह रहे हैं इन नजारों से आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं कि यह तबाही मचाने वाले अम्फान तूफान अब समय के साथ किस तरह अपने विकराल रूप में नजर आ रहा है।
यह कोई ऐसा वैसा तूफान नहीं है इस तूफान ने अपने झोंके से किसी के घर तो किसी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया है।
पश्चिम बंगाल में इस तूफान ने पूरी तरह से स्थिति को बदल के रख दी है।
पल भर में देखते ही देखते इस अम्फान तूफान ने पश्चिम बंगाल में कई पेड़, कई लोगों के घर और कई तरह से आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
अम्फान तूफान अपने गंभीर रूप में तब नजर आया जब इसने पश्चिम बंगाल में 12 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। बिजली सेवा से लेकर रास्ता पूरी तरह से बाधित हो चुका है,
जिसकी भरपाई किसी भी तरह से नहीं की जा सकती है। फिलहाल मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार अब तूफान काफी बढ़ने के अनुमान है।
इसी वजह से तटीय इलाकों के साथ अन्य 5 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
इस तूफान का कहर कुछ इस प्रकार था कि कहीं बिजली में आग लगती नजर आई तो कहीं पानी में कार को तैरते देखा गया,
जहां 140 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इस तूफान ने पल भर में बंगाल की तस्वीर बदल कर रख दी है।
पर अभी भी मुसीबत थमी नहीं है,

क्योंकि अब यह चक्रवर्ती तूफान बिहार में दस्तक देने वाला है,

जिसका असर सुबह से मौसम के साथ दिखाई पड़ने लगा है।
बिहार की स्थिति भी बंगाल की तरह ना हो इसलिए पहले से ही लोगों को चेताया जा चुका है
और उन्हें अपने घर में रहने की हिदायत दी गई है। हालांकि लॉक डाउन के कारण लोग पहले से अपने घर में है।
22 और 23 मई का दिन बिहार वासियों के लिए खतरनाक साबित होता दिख रहा है, क्योंकि मौसम विभाग की मानें तो इस दिन नॉर्थ सेंट्रल बिहार में आंधी तूफान की अपार संभावनाएं जताई गई है,
जिसमें किशनगंज, पटना, मधेपुरा, सहरसा, गया, गोपालगंज, सीतामढ़ी, सारण,पूर्वी चंपारण, दरभंगा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और नवादा शामिल है।
 इनमें से कई जगह पर तेज बारिश और मौसम में बदलाव भी दिखना शुरू हो चुका है।
इसलिए अभी इसके खत्म होने की किसी तरह से संभावना नहीं है।
यहां तेज हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित करके रखा है।
लोग कहीं जलजमाव के कारण तो कहीं बिजली गुल से परेशान हो चुके हैं।
हालांकि यह भी एक अच्छी बात कही जा रही है कि कुछ क्षेत्रों में बारिश और बदलते मौसम का असर बाकी अन्य जगहो पर भी देखने को मिला। जहां लोगों ने खुशनुमा मौसम का आनंद लिया।
पर याद रखे कि खतरा अभी टला नहीं है। अभी भी मौसम विभाग ने 24 घंटे तक हाई अलर्ट जारी किया है।

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