विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाने का एक बड़ा उद्देश्य है। इस दिन तंबाकू या इसके उत्पादों के उपभोग पर रोक लगाने या इस्तेमाल को कम करने के लिए लोगों को जागरुक किया जाता है। इस बार साल 2020 की थीम है- “युवाओं को इंडस्ट्री के हथकंडे से बचाना और उन्हें तंबाकू और निकोटिन के सेवन से रोकना है”। सम्पूर्ण विश्व में इस दिन अलग – अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है इसमें सामूहिक चर्चा, स्वास्थ्य सम्बंधित जागरूकता, चैरिटी आदि शामिल हैं। WHO द्वारा भी तम्बाकू सेवन के नकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डालने के लिए अभियान का आयोजन किया जाता है WHO का सर्वाधिक ध्यान फेफड़ों पर केंद्रित है वह लोगों में फेफड़ों का महत्व बताने के लिए जागरूकता फैलाते हैं।

विश्व में संपूर्ण तम्बाकू उत्पादों तो 2025 तक बैन करने के लिए सभी देशों ने विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू कर दी है। प्रत्येक वर्ष सरकार, NGOs और नागरिक समुदाय साथ मिलकर तम्बाकू सेवन से होने वाली समस्याओं के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

पूरे विश्व में लगभग 12 मिलियन लोग तंबाकू सेवन के कारण कैंसर से पीड़ित हैं। लगभग 70 लाख लोगों की मौतें तम्बाकू सेवन के कारण होती है। लेकिन विडंबना यह है लोगों को तम्बाकू सेवन के नकारात्मक प्रभाव के बारे में पता होने के बावजूद वह तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं। भारत के राज्य सरकारों ने भी तम्बाकू निषेध के लिए संभव क़दम उठाए हैं स्कूलों के बाहर तम्बाकू निषेध के पोस्टर लगवाए हैं, तथा बच्चों में भी तम्बाकू सेवन के नकारात्मक प्रभावों की जागरूकता बढ़ायी है।

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