झारखंड के प्रवासी मजदूरों से रेल टिकट देने के बदले मोटी रकम वसूलनेवाला राजेश वर्मा सूरत सिटी में गिरफ्तार हो गया। गुजरात पुलिस ने राजेश को झारखंड के एक प्रवासी से मारपीट और रुपए लेकर टिकट नहीं देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ रेल टिकट के मामले में भी जांच कर रही है।
छह और सात मई को सूरत से 23 सौ प्रवासी मजूदर व उनके परिजन धनबाद आए थे। श्रमिक राज्य के अलग-अलग जिलों के थे। इनमें अधिकतर गिरिडीह के थे। धनबाद स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में आधे से अधिक प्रवासी मजदूरों ने आरोप लगाया था कि उनसे 715 रुपए के रेल टिकट के बदले 1020 रुपए तक की वसूली हुई। न्यूनतम पांच रुपए से लेकर 305 रुपए तक अधिक किराया लेकर टिकट देने का आरोप लगाया गया था। सभी यात्रियों ने एक स्वर में वसूली करनेवाले के रूप में राजेश वर्मा की पहचान की थी। सूरत सिटी में राजेश की पहचान प्रमुख के रूप में है। धनबाद आए प्रवासी श्रमिकों ने बताया था कि प्रमुख राजेश वर्मा के दफ्तर से ही उन्हें टिकट मुहैया कराया गया था। टिकट पर 715 रुपए प्रिंट होने के बाद भी उनसे अधिक किराया लिए जाने के सवाल पर प्रवासियों को टिकट नहीं देने की धमकी दी जाती थी। मजदूरों के अनुसार वहां सुबह से ही रेल टिकट के लिए लंबी कतार लगती थी। राजेश की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक पार्टियों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
वीडियो वायरल होने के बाद गिरफ्त में आया राजेश
झारखंड के वासुदेव वर्मा नामक व्यक्ति शुक्रवार को राजेश वर्मा के दफ्तर गए थे। वासुदेव ने राजेश को रेल टिकट के लिए रुपए दिए थे। इसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं मिला था। आरोप है कि जब वासुदेव ने इसकी शिकायत की तो राजेश वर्मा ने उसकी पिटाई कर दी। किसी ने मोबाइल पर मारपीट के इस दृश्य का वीडियो बना कर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो के आधार पर सूरत सिटी की पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

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