चारबाग लखनऊ स्टेशन पर 80 वर्षीय मुजीबुल्लाह कुली का काम करते हैं। जानने वाले उन्हें चारबाग का ‘सूफी संत’ भी कहकर बुलाते हैं। अपनी दरियादिली के वजह से सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों के बोझे को बिना कोई पैसा लिए न केवल ढोए, बल्कि जरूरतमंदों को खाना खिलाने का नेक काम भी किया। महामारी के इस संकट के वक्त वह कोरोना वॉरियर बनकर ऊभरे हैं।

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