महाराष्ट्र सायबर विभाग की तरफ़ से जानकारी मिली है कि चाइना ने पिछले चार पाँच दिनों के अंदर भारत की इन्फ्रास्ट्रक्चर, जानकारी और बैंकिंग सेक्टर में 40, हज़ार से अधिक बार साइबर अटैक की कोशिश की। अमूमन तौर पर साइबर अटैक आतंकवादी गतिविधियों को मुक़ाम देने के लिए किया जाता है लेकिन ये ज़रूरी नहीं की केवल आतंकवादी संगठन ही साइबर अटैक जैसी गतिविधियों को अंजाम दे, आमतौर पर यह तब भी संभव है जब देशों के बीच तनाव की स्थिति हो, ऐसी स्थिति में एक सरकार दूसरी सरकार की जानकारी पाने के लिए साइबर अटैक की जैसी गतिविधियों को अंजाम देती है। सूत्रों के अनुसार साइबर अटैक और हैकिंग का मुख्य केन्द्र बिन्दु चाइना का चेंगदु क्षेत्र बताया जा रहा है। विशेष रूप में चाइना से तीन प्रकार के अटैक किए गए हैं।
  1. डिनायल ऑफ़ सर्विस अटैक- इस अटैक उपयोग हैकर किसी ख़ास वेबसाइट पर भी अपनी पहुँच बनाने के लिए करता है। वह उस वेबसाइट के अधिकृत व्यक्तियों के लिए वेबसाइट को अनुपलब्ध करता है और अपनी पहुँच बनाने का प्रयास करता है।
  2. इंटरनेट प्रोटोकॉल हाइजैकिंग अटैक- यह है किंग का एक विशेष रूप है जिसके अंतर्गत इंटरनेट का डाटा स्थानांतरण करने के लिए आई पी ऐड्रेस का इस्तेमाल किया जाता है। इस हाइजैकिंग का प्रयोग किसी लक्षित गतिविधि को अंजाम देने के लिए किया जाता है।
  3. फिशिंग अटैक- फिशिंग अटैक भी सायबर क्राइम का एक अंश है जिसके अंतर्गत कोई व्यक्ति अपनी नक़ली पहचान बनाकर व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करता है जिसमें बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्‍स पासवर्ड इत्यादि शामिल हैं।
माना जा रहा है कि इस अटैक से भारत सरकार की आधारिक संरचना चपेट में आ सकती है इस अटैक से बचने के लिए भारत सरकार को साइबर स्पेस की बुनियादी नींव मज़बूत करनी होगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here