रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम मोदी के आदेश पर 1200 ट्रेनों को बाकी कामों से निकालकर रिर्जव कर दिया गया है. रोज 300 ट्रेन चलाई जा सकती है, लेकिन कई राज्य सरकारें अपने मजदूरों को लाने के लिए ट्रेनें को अनुमति नहीं दे रही हैं.

गोयल ने कहा कि लॉकडाउन के कारण फंसे मजदूरों को पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार तैयार है. लेकिन मुझे दुख है कि कुछ राज्यों जैसे प. बंगाल, राजस्थान, छत्तीसगढ, और झारखंड की सरकारों द्वारा इन ट्रेनों को अनुमति नहीं दी जा रही है. जिससे श्रमिकों को घर से दूर कष्ट सहना पड़ रहा है.

यूपी में 400 तो बिहार में 200 ट्रेनों की दी अनमति

गोयल ने कहा कि यूपी में 400 ट्रेनें और बिहार में 200 ट्रेनें अब तक जा चुकी है. यहां की सरकार मजदूरों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हैं. उनको पैसा भी सरकार दे रही है. लेकिन अभी तक पश्चिम बंगाल की सरकार ने सिर्फ 2 ट्रेनों की अनुमति दी. जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लेटर लिखा तो कहा कि वह और 6 ट्रेने की अनुमति देंगी. लेकिन अब तक 7 ट्रेनों की अनुमति ही मिली है. आज ट्रेनें खुलने वाली है. अब सूचना मिली है कि 105 ट्रेनें पश्चिम बंगाल की सरकार एक माह में लेगी. वह भी सिर्फ सूचना मिली है. करीब 50 लाखों बंगाल के प्रवासी मजदूर कई राज्यों में फंसे हैं. लेकिन सरकार बुलाने को लेकर तैयार नहीं है.

Input – !Bihar

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