देश में लॉकडाउन के कारण लोगों के व्यवसाय में काफ़ी नुक़सान हुआ । लेकिन सबसे अधिक नुक़सान हुआ दिहाड़ी मज़दूरों का जो रोज़कमाते रोज़ खाते थे, लेकिन भारत में कुछ ऐसे गैर सरकारी संगठन है जो जनता के लिए काम करते हैं, जो लोग दो वक़्त का भोजन पाने में असमर्थ होते हैं ये संगठन उनकी मदद करते हैं, उनके बच्चों को पढ़ाते लिखाते हैं तथा उन्हें स्वास्थ्य सेवाएँ भी प्रदान करते हैं।

कोरोना महामारी के चलते बहुत से प्रवासी मज़दूर हैं, जो पैदल ही अपने घर को निकल पड़े हैं न उनके पास खाना है ना पैसे हैं। इन लोगों की मदद के लिए गूंज एन जी ओ सामने आया है। ये  संगठन भारत के 25 राज्यों में अपनी सेवा प्रदान कर रहा है, प्रत्येक दिन ये लाखों की संख्या में लोगों तक भोजन पहुँचाते हैं। यह एन जी ओ एक अलग ही स्तर पर काम कर रहा है, बुंदेलखंड में शेरिया नामक समुदाय जो टोकरी बनाने का काम करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते उनका धंधा बंद पड़ गया है, ऐसे समय में गूंज संगठन ने शेरिया समुदाय से उनकी टोकरियाँ ख़रीद कर उन्हें आर्थिक मदद पहुँचाई।

ऐसा ही कुछ किसानों के साथ भी देखने को मिला जब किसानों के टमाटर खेत में सड़ रहे थे तब गूंज संगठन ने किसानों से सारे टमाटर ख़रीदें और उनका नुक़सान होने से बचाया। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दुनिया भर में बताया जा रहा है कि अपने हाथों को लगभग 20 सेकंड तक धोए जिससे कीटाणुओं का ख़ात्मा हो सके, वहीं दूसरी तरफ़ देखा जाए तो बुंदेलखंड एक ऐसा राज्य जहाँ चारों तरफ़ सूखा पड़ा हुआ है, एक मटका पानी लाने के लिए लगभग दो तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जब वहाँ पर कार्यरत गूँज संगठन के कार्यकर्ता कृष्णा अरूणा शर्मा ने यह देखा कि वहाँ के लोग बुनियादी स्वच्छता पाने में असमर्थ है तब उन्होंने वहाँ पर पानी की पाइप लाइन लगवाने का कार्य शुरू कराया, ताकि वहाँ की महिलाओं को पानी लेने के लिए ज़्यादा दूर न जाना पड़े और वह अपनी स्वच्छता का भी पूर्ण रूप से ध्यान रखें।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here