कोरोना वायरस महामारी के कारण किए गए लॉकडाउन में तमाम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था, जिसमें कुछ पूर्व क्रिकेटर भी थे। इन्हीं में एक थे शेखर नाइक जो ब्लाइंड क्रिकेट में देश को दो वर्ल्ड कप जिता चुके हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण उनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा और उन्होंने मदद मांगी। थोड़े समय के बाद शेखर नाइक के पास मदद पहुंच गई है, क्योंकि इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने एक लाख रुपये उनको भेज दिए हैं।

दरअसल, शेखर नाइक की माली हालत की खबर छापी थी। खबर में इस बात का भी जिक्र था कि शेखर नाइक ने अपनी पत्नी की सोने की ज्वेलरी से एक लाख रुपये का लोन लेकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया है, लेकिन वो रकम भी खर्च हो गई और ईएमआई के पैसे तक नहीं रहे। इसी बीच 33 वर्षीय नाइक को रविवार की दोपहर को एक फोन कॉल आया, जिसमें मदद की बात कही गई थी।

शेखर नाइक को भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और इंडियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन यानी आइसीए के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने फोन कॉल किया था और सूचना दी थी कि आइसीए आपको एक लाख रुपये मदद के तौर पर देगा। देश के एकमात्र ब्लाइंड क्रिकेटर जिनको पद्मश्री सम्मान मिला है उन्होंने मिड-डे अखबार की तारीफ की है और कहा है कि ये सिर्फ मिड-डे की वजह से संभव हुआ है, क्योंकि उन्होंने खबर छापी थी।

बेंगलोर में रह रहे शेखर नाइक ने कहा है, “मल्होत्रा सर और मिड-डे की वजह से ही ऐसा हुआ है। मैं दोनों का आभार व्यक्त करना चाहूंगा। 28 मई को मिड-डे ने मेरे वित्तीय संघर्षों के बारे में लिखा था। मल्होत्रा सर ने इसके बारे में पढ़ा और 1 लाख रुपयों को मंजूरी दी।” इससे पहले बात करते हुए शेखर ने कहा था कि उनको लॉकडाउन के कारण आधा वेतन मिल रहा है, जिसमें घर चलाना कठिन हो गया है।

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