यूपी के कानपुर पुलिस हत्याकांड के आरोपी विकास दुबे के कथित सहयोगी श्यामू बाजपेयी को आज यानी 8 जुलाई को यूपी पुलिस ने गिरफ़्तार किया. श्यामू की गिरफ़्तारी के बारे में पुलिस ने कहा कि वो भाग रहा था, मुठभेड़ में वो घायल हुआ, और पुलिस ने श्यामू को गिरफ़्त में ले लिया.

लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो गिरफ़्त में लिए गये श्यामू के घर वाले कुछ और कहते हैं. कहते हैं कि पुलिस ने श्यामू को 8 जुलाई नहीं, बल्कि 3 जुलाई को ही गिरफ़्तार कर लिया था. ‘दी हिंदू’ में छपी उमर राशिद की ख़बर का हवाला दे रहे हैं. उमर राशिद से बातचीत में श्यामू बाजपेयी की मां रामलक्ष्मी बाजपेयी ने कहा है कि 3 जुलाई को सुबह-सुबह बिकरू कांड के कुछ देर बाद ही पुलिसकर्मी उनके घर आए और श्यामू बाजपेयी को उठाकर लेते गए.

उन्होंने ‘दी हिंदू’ से बातचीत में कहा कि जिस रात पुलिस और विकास दुबे गैंग के बीच मुठभेड़ हुई थी, उसके कुछ देर बाद ही सुबह 5.45 से 6 बजे के बीच पुलिस उनके घर आए, जो विकास दुबे के घर से कुछ ही दूर मौजूद है. रामलक्ष्मी बाजपेयी के अनुसार, जिस समय पुलिस आई, उस समय श्यामू सो रहा था. उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस से उसके बारे में बहुत पूछा, लेकिन श्यामू के परिवार को कोई जवाब नहीं दिया.

रामलक्ष्मी बाजपेयी ने कहा है कि जिस समय श्यामू बाजपेयी को गिरफ़्त में लिया गया, उस समय श्यामू ने सफ़ेद बनियान और गमछा पहना हुआ था. बाद में जब ANI ने गिरफ़्त में लिए जा रहे श्यामू से पूछा कि वो कहां से आ रहा है, तो श्यामू ने पहले कहा कि वो घर से आ रहा है, फिर कहा कि थाने से. उसके पैर में घाव था. श्यामू इस वीडियो में वही बनियान और गमछा पहने दिख रहा है. श्यामू ने ये भी दावा किया है कि वो कानपुर कांड के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं था. नीचे आशीष ने वो वीडियो ट्वीट किया है, देखिए :

कौन है श्यामू बाजपेयी?

मीडिया रपटों के अनुसार, श्यामू बाजपेयी विकास दुबे का सहयोगी है. उसके गैंग में काम करता है. 2-3 जुलाई की दरम्यानी रात वो बिकरू गांव की कथित मुठभेड़ में कथित रूप से शामिल था. पुलिस ने उस पर 25 हज़ार का इनाम रखा है. लेकिन घर वाले दावा करते हैं कि श्यामू गांव के पास की ही एक डिटर्जेंट फ़ैक्टरी में काम करता है, जहां उस गांव के बहुत सारे लोग काम करते हैं.

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