रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने अपनी 43वीं एनुअल जेनरल मीटिंग (AGM) पर बहुत सारी घोषणाएं कीं. इनमें शामिल हैं— जियो का देसी 5G नेटवर्क, जियो और गूगल की पार्टनरशिप और जियो ग्लास. इसी मीटिंग में रिलायंस जियो ने जियो टीवी+ का भी ऐलान किया.

क्या है जियो टीवी+

जियो टीवी+ कोई टेलीविज़न मॉडल नहीं है. यह एक सर्विस है, जो आपके टीवी देखने के तरीक़े को बदलने आई है. अगर आपके पास जियो का सेट टॉप बॉक्स (STB) है, तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. यह ओवर द टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों के साथ-साथ कई सारे ऐप्स और सर्विसेज़ को आपके STB पर चलाएगी.

जियो टीवी+ ऐपल टीवी+ से काफ़ी अलग है. जहां ऐपल की सर्विस ओरिजिनल शो और मूवी दिखाती है, वहीं जियो टीवी+ कॉन्टेंट एग्रीगेटर (Content aggregator) है. मतलब कि यह ख़ुद कुछ प्रोग्राम बनाने की बजाए दूसरे के बनाए हुए प्रोग्राम को आपके सामने हाज़िर करेगी. आकाश अंबीनी ने वर्चुअल AGM पर कहा-

दशकों से टीवी कॉन्टेंट को बिना किसी इंटरैक्टिविटी के परोसा गया है. जियो फ़ाइबर के ज़रिए हमने टीवी को इंटरैक्टिव बनाया. अब सेट टॉप बॉक्स पर जियो ऐप स्टोर के ज़रिए लोग मनोरंजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाना पकाने, योग, गेमिंग, धर्म और कई सारी कैटेगरी की इंटरनेट ऐप्लिकेशन इस्तेमाल कर पाएंगे.

क्या-क्या मिलेगा जियो टीवी+ पर

आकाश अंबानी ने 43वीं AGM पर बताया कि जियो टीवी+ पर यूज़र्स को सिर्फ़ एक बार लॉगिन करना होगा और इसमें मौजूद सारी की सारी ऐप्स और OTT प्लेटफॉर्म अपने आप चलेंगे. जैसे आप फ़ोन में एक-एक एप और सर्विस को अलग-अलग खोलकर लॉगिन करते हैं, वैसी ज़हमत जियो टीवी+ के साथ नहीं उठानी पड़ेगी.

जियो टीवी+ पर मौजूद OTT प्लेटफॉर्म में शामिल हैं— नेटफ़्लिक्स, ऐमज़ॉन प्राइम वीडियो, डिज़्नी+ हॉटस्टार, वूट, सोनी लिव, ज़ी 5, जियो सिनेमा, जियो सावन, यूट्यूब, और अन्य. जियो ऐप स्टोर से आप जियो टीवी+ पर और भी ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं.

इसके साथ ही जियो टीवी+ पर आप रिमोट के ज़रिए आवाज़ से अपने पसंदीदा शो, मूवी, चैनल, ऐप या फिर OTT सर्विस को ढूंढ पाएंगे. ये बिलकुल वैसा ही काम करेगा, जैसे अलेक्सा के साथ ऐमज़ॉन फ़ायर टीवी स्टिक काम करती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here