सबसे पहला कोरोना संक्रमित केस चीन के वुहान शहर में पाया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे ये पूरे विश्व में फैलता गया, जिससे कोरोना संक्रमित लोगो की संख्या बढती ही चली गयी। मार्च 2020 में पूरे विश्व में कोरोना पूरी तरह से फैल चुका था, जिसको मद्दे नजर रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में लॉकडाउन लगा दिया ताकि कोरोना मरीजों की संख्या कम हो सके। देश में 22 मार्च को सबसे पहला लॉकडाउन लगाया गया था। उसके बाद अभी तक देश में लॉकडाउन की स्थिति जारी है। भारत को देखकर पूरे विश्व में लॉकडाउन लगा दिया गया था। लेकिन क्या इन लॉकडाउन से कोरोना मरीजों की संख्या में कोई प्रभाव पङा है?

अमेरिका ने इसको लेकर एक स्टडी की थी, जिसका रिजल्ट सामने आ चुका है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने अमेरिका की 1417 काउंटी में कोरोना संक्रमण दर की पङताल की है। इस डाटा का विश्लेषण तकरीबन दो महीने का है। जिससे सभी को चौंकाने वाले नतीजे सामने आये हैं। एम्स के डॉक्टर व रिसर्चर्स ने एक स्टडी में बताया कि देश में लॉकडाउन हटते ही अचानक से कोरोना मरीजों की संख्या बढने लगी है।

भारत में कोरोना वायरस के केस 200,000 तक पहुचँ चुके हैं। संभवतः भारत कि अर्थव्यवस्था अपने दर पर बहुत ही जल्दी वापस लौट आएगी। देश में अनलॉक-1 लगने से अर्थव्यवस्था ने अपने दर पर वापस आना शुरु कर दिया है। हालाँकि देश की अर्थव्यवस्था बहुत नीचे आ गई है लेकिन अब हम लॉकडाउन को पीछे छोङकर देश कि उन्नति कि ओर कदम बढा चुके हैं।

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