कानपुर हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे को 10 जुलाई की सुबह कथित एनकाउंटर में पुलिस ने मार गिराया. 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर में मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर यूपी पुलिस के हवाले किया था. यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम उसे सड़क से कानपुर ला रही थी. कानपुर पुलिस ने बयान जारी कर बताया कि कानपुर नगर के भौंती में वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया और विकास दुबे ने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में वो घायल हुआ और अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया.

अब यूपी STF ने इस एनकाउंटर को लेकर प्रेस रिलीज जारी की है. घटना का समय 10 जुलाई, सुबह 6:35 बताया गया है.

इसमें क्या बातें लिखी हुई हैं –

# कानपुर नगर के थाना सचेंडी के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर कन्हैया लाल अस्पताल के सामने अचानक गाय भैंसों का झुण्ड भागता हुआ आया. ड्राइवर ने जानवरों को दुर्घटना से बचाने के लिए गाड़ी को अचानक मोड़ा. गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई.

# गाड़ी में बैठे पुलिस अधिकारियों/ पुलिसकर्मियों को चोट आईं. इनमें निरीक्षक रमाकान्त पचौरी, उपनिरीक्षक पंकज सिंह, उपनिरीक्षक अनूप सिंह, आरक्षी सत्यवीर, आरक्षी प्रदीप कुमार शामिल हैं.

# पुलिसकर्मियों के कुछ देर के लिए अर्धचेतना की स्थिति में चले जाने की वजह से विकास दुबे ने परिस्थिति का लाभ उठाकर घायल निरीक्षक रमाकान्त पचौरी की सरकारी पिस्टल को झटके से खींच लिया और सरकारी वाहन से निकलकर कच्चे रास्ते पर भागने लगा.

# इसके बाद कच्चे रास्त की तरफ विकास दुबे का पीछा किया गया. विकास दुबे पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से छीनी गई पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगा.

# कोई विकल्प न होने की वजह से पुलिस दल ने आत्मरक्षा के लिए और कर्तव्य के पालन के लिए नियंत्रित फायर किया, जिसमें अभियुक्त विकास दुबे घायल होकर गिर गया.

# उसे प्राथमिक उपचार (First Aid) के बाद सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

# विकास दुबे की तरफ से की गई फायरिंग में यूपी एसटीएफ के मुख्य आरक्षी शिवेंद्र सिंह सेंगर और आरक्षी विमल यादव घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है.

# इस घटना के संबंध में थाना सचेंडी, कानपुर नगर में आर्म्स ऐक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है. आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है.

यूपी STF की तरफ से जारी प्रेस रिलीज.

गाड़ी पलटने पर पुलिस ने पहले क्या बताया था

कानपुर के रास्ते में ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को विकास पर गोली चलानी पड़ी? इस सवाल का जवाब जानने के लिए ‘इंडिया टुडे’ ने कानपुर ADG जेएन सिंह से बात की. इस बातचीत के दौरान ADG सड़क पर पलटी हुई गाड़ी के पास मौजूद थे. उन्होंने बताया,

‘सड़क के किनारे काफी ज्यादा गैप था. इससे गाड़ी के फिसलने की संभावना काफी ज्यादा थी. गाड़ी स्लिप कर गई थी. उसके बाद वो हमारे एक विवेचक की पिस्टल छीनकर भागने लगा. जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की. इसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उस पर फायरिंग की.’

ADG से पूछा गया कि विकास कौन-सा हथियार छीनकर भाग रहा था, जवाब में ADG ने कहा,

‘पिस्टल थी, हमारे विवेचक पचौरी जी के पास पिस्टल थी. वही छीनकर भाग रहा था.’

कानपुर ADG से पूछा गया कि गाड़ी में किस स्तर के अधिकारी विकास के साथ मौजूद थे. जवाब में ADG ने कहा,

‘STF के डिप्टी SP के नेतृत्व में इसे लाया जा रहा था, जिसमें उनके कमांडो भी थे. इस तरह के काफी लोग थे. सुरक्षा में कोई कमी नहीं थी. इसी का फायदा तो हुआ है कि पुलिस ने तत्काल घेराबंदी करके ये कार्रवाई की.’

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