खगड़िया. (रिपोर्ट- रवि शंकर शर्मा) : देश के गांवों में स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गरीब कल्याण रोजगार अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम में इस अभियान की शुरुआत बिहार के खगड़िया जिले के तेलिहर ग्राम पंचायत से किया किया गया। इस अभियान के तहत 6 राज्यों के 116 जिलों में प्रवासी श्रमिकों को 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा। इस अभियान को मिशन मोड में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 50,000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक कार्य कराए जाएंगे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान का बिहार के खगड़िया जिले से शुभारंभ करने के लिए प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देता हूं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बाहर से जो श्रमिक वापस आए हैं और क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे थे उनसे मैंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत बातचीत की। बातचीत के दौरान उनलोगों ने बताया कि बाहर में उन्हें काफी कष्ट हुआ है और अब वे बिहार के बाहर नहीं जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों की कोशिश है कि मजबूरी में किसी को भी बिहार के बाहर नहीं जाना पड़े, लोगों को यहीं रोजगार मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के साथ सभी मुख्यमंत्रियों का 6 बार संवाद हुआ है, जिसमें मैंने भी कई सुझाव दिए हैं। केंद्र सरकार द्वारा लोगों को राहत देने के लिए कई योजनाएं शुरु की गई है। आज गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत 6 राज्य के 116 जिले में इसकी शुरुआत की गई है जिसमें बिहार के 32 जिले शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत उन जिलों को शामिल किया गया है जिसमें बाहर से 25 हजार लोग अपने जिले वापस आए हैं।

इस योजना के अंतर्गत 25 कार्यक्षेत्रों को शामिल किया गया है और इसकी कार्यावधि अभी 125 दिनों की है। केंद्र सरकार इस पर 50 हजार करोड रुपये खर्च कर रही है। केंद्र सरकार इस अभियान के तहत एक पंचायत में 3 करोड़ 43 लाख रुपये व्यय कर रही है, जबकि राज्य सरकार अपनी तरफ से 2 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च कर रही है। यह रोजगार अभियान काफी प्रशंसनीय है।

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