भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें कॉम्पटीशन के लिए तैयार रहना चाहिए .बैंकों को लेकर जो फैसला लिया गया है वह देश हित में है. कई सेक्टर चुनौतियों का सामना कर रहे हैं . आइए जानते हैं क्या कहा निर्मला सीतारमण ने अपनी चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस में
1. डीबीटी, जीएसटी देश के विकास के लिए  जरूरी
2. कुछ क्षेत्रों में बड़े सुधार की जरूरत सरकार उस दिशा में कदम उठाने जा रही है
3. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत निवेश के लिए पहली पसंद . हमें अपने प्रोडक्ट की विश्वसनीयता को बढ़ाना है जिस और “मेक इन इंडिया ” “आत्मनिर्भर भारत” एक महत्वपूर्ण कदम है.
4. कॉल सेक्टर में कमर्शियल माइनिंग की दी जाएगी इजाजत जिससे कॉल सेक्टर में आत्मनिर्भरता आएगी.
5 . 6 एयरपोर्ट को पीपीपी(सार्वजनिक–निजी साझेदारी ) मॉडल से विकसित किया जाएगा.
6.अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्राइवेट कंपनियों को मौका दिया जाएगा। ISRO की सुविधाओें का प्रयोग भी निजी कंपनियां कर पाएंगी.
7. केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली का निजीकरण होगा. कुल 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं.
8.500 खनन ब्लॉकों को एक खुली और पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से पेश किया जाएगा, एल्यूमिनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला खनिज ब्लॉकों की एक संयुक्त नीलामी पेश की जाएगी
9.न्यू चैंपियन सेक्टरों के संवर्धन के लिए प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की जाएंगी जैसे सोलर पीवी विनिर्माण, उन्नत सेल बैटरी भंडारण आदि क्षेत्रों में: वित्त मंत्री
10. ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड का निगमीकरण किया जाएगा. इसके साथ ही रक्षा निर्माण में एफडीआई को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी किया जाएगा
11.डिफेंस प्रोडक्शन में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा दिया जाएगा. ऐसे इक्विपमेंट्स की लिस्ट बनाई जाएगी जिसे देश में ही खरीदना होगा.भारत रूस ,अमेरिका और इज़रायल से रक्षा सौदा करता था .

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