अमेरिका ने साढे नौ हजार सैनिकों को एशिया में तैनात करने का फैसला किया है। विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो के मुताबिक चीन ने भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के लिए खतरा पैदा कर दिया है, उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सेना इस कठिन परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं, पॉम्पियो के इस बयान पर (एआईएमआईएम) ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन पार्टी के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है, उन्होंने ट्वीट कर कहा है,  “मुझे उम्मीद थी कि ट्रंप अपने दोस्त (पीएम मोदी) की मदद के लिए इंडियन ओशन रीजन में मौजूद चीनी आयल टैंकर्स को डराने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर्स भेजेंगे।“ सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री से सवाल किया, “ आप राजस्थान और गुजरात से सटे पाकिस्तानी बेसेज पर जो PLA  एयर फोर्स के फाइटर जेट जमा होंगे उनसे कैसे निपटेंगे?” उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि PLA गलवान घाटी में है।

अमेरिका ने एशिया में अपने सेना भेजने का फैसला उस वक्त लिया है जब भारत-चीन के सीमा पर तनाव है तथा चीन दक्षिण चीन सागर में भी मनमानी हद से ज्यादा कर चुका है, अमेरिका ने इंडोनेशिया, मलेशिया, वियतनाम जैसे देशों को भी चीन से खतरा बताया है। असदुद्दीन ओवैसी ने पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी थी (एआईएमआईएम) पार्टी को सर्वदलीय बैठक में ना बुलाया जाने के बाद, उन्होंने अपने चिट्ठी में जारी चीन-भारत तनाव को लेकर पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया उन्होंने कहा था, “ इस संकट का दोष केवल आपके राजनीतिक, रणनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर है या दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप चीनी इरादों से निपटने में असफल रहे।“ ओवैसी ने मांग की थी कि सांसद जल्द से जल्द बुलाई जाए, ताकि विपक्षी दल सत्ता दल से जवाब मांग सकें।

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