मधुबनी जिला के खुटौना प्रखंड अंतर्गत सिकटियाही गांव के मध्य विद्यालय में बने क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार मृतक देव नारायण साह (55 वर्ष) 30 अप्रैल को अपने पैतृक गांव पहुंचा था। जिसके बाद उसे क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। शनिवार शाम को लगभग 7 बजे से तबीयत बिगड़ने लगी। इसकी जानकारी डॉक्टर व बीडीओ आलोक कुमार को दी गई लेकिन डॉक्टर की टीम के पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई थी।

साइकिल चला कर अपने पैतृक गाँव पहुंचा था:

बता दें कि मृतक चंडीगढ़ में रहता था और लॉकडाउन के कारण वहां से साइकिल चला कर अपने पैतृक गाँव पहुंचा था। क्वारंटाइन सेंटर में रखने से पहले उसकी स्वाथ्य जांच की गई थी, जिसमें वह स्वस्थ पाया गया था। परिजनों के अनुसार मृतक को कोई ख़ास बीमारी नहीं थी, पिछले वर्ष अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था और गैस की शिकायत रहती थी।

कोरोना जांच के लिए नहीं लिया गया मृतक का स्लैब:

अंतिम संस्कार के लिए मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया था। लेकिन कोरोना जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया। ग्रामीणों के विरोध करने पर डॉक्टर टीम को बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, मृतक में कोरोना संक्रमण का कोई लक्षण नहीं पाया गया था। लेकिन दूसरी तरफ यह भी है कि मधुबनी जिले में जितने कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं किन्ही में लक्षण नहीं पाया गया है। ऐसे में खुटौना के क्वारंटाइन सेंटर में हुई यह मौत प्रशासन की कार्यशाली पर सवालिया निशान लगाता है। बाहर से आ रहे सभी मरीजों की कोरोना जांच नहीं हो रही है, बावजूद इसके मजदूरों को बस से लाने के दौरान लापरवाही बरती जा रही है। जिन लोगों का कोरोना जांच हो रहा है वह भी उनका रिपोर्ट आने में भी तीन दिन का समय लग रहा है। ऐसे में इस महामारी की गंभीरता को धयान में रखते हुए अहतियात बरतना काफी आवश्यक है। लेकिन शासन प्रशासन पूरे तरह से इस मामले में लापरवाह है।

ग्रामीणों ने किया सड़क जाम:

वहीं मृतक के आश्रितों को उचित लाभ दिलाने को लेकर रविवार सुबह को 8 से 10 के बीच ग्रामीणों ने बरैल चौक-फुलपरास मुख्य मार्ग को छड़ापट्टी चौक पर बांस बला से जाम  कर दिया। जिससे आवागमन पूर्ण रूप से बाधित हो गई। जानकारी मिलने पर स्थानीय मुखिया मनोज कुमार सिंह और प्रशासन की टीम जाम स्थल पर पहुंचकर लोगों को समझाते बुझाते हुए जाम को खत्म करवाया। वहीं मृतक के आश्रितों को जन कल्याण विभाग से डेढ़ लाख तथा परिवारिक लाभ के तहत 20 हजार रुपये देने की बात कही। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म किया।

Input – ABP

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