श्रावणी मेला के आयोजन को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट में प्रार्थी, राज्य सरकार और बाबा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के जवाब को सुनने के बाद न्यायालय ने इस फैसले की सुनवाई को 3 जुलाई, 2020 को करने को कहा है। सांसद निशिकांत दुबे ने जनहित याचिका दायर कर श्रावणी मेला के आयोजन के लिए हेमंत सरकार को आदेश देने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि कोई कोरोना संक्रमण की आशंका के कारण प्रोटोकॉल को पालन करते हुए श्रावणी मेला का आयोजन किया जाना चाहिए। प्रार्थी का कहना है कि श्रावणी मेला से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, इससे पहले 26 जून, 2020 को झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए यह मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डा. रवि रंजन और जस्टिस उदित नारायण की मौजूदगी में हुई थी।

कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की वजह से राज्य सरकार ने बाबा धाम और बासुकीनाथ में श्रावणी मेले के आयोजन पर अनुमति नहीं दी है, इसी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। बता दें कि राज्य सरकार के अनुसार झारखंड में 31 जुलाई, 2020 तक किसी भी धार्मिक स्थल पर सार्वजनिक पूजा या मेला के आयोजन की अनुमति नहीं है। श्रावणी मेला हिंदू धर्मावलंबियों के लिए यह ऐतिहासिक मेला साल में एक बार लगता है, जो एक माह तक चलता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की शुरुआत 6 जुलाई, 2020 से होगी। 19 वीं शताब्दी में प्लेग महामारी के समय भी श्रावणी मेला का आयोजन हुआ था। यह आयोजन कभी बंद नहीं हुआ, इसका आयोजन नहीं होने से लाखों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगा, इसके साथ ही इससे जुड़े अनेक व्यवसायियों को भी बहुत नुकसान होगा।

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