सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी. इस वाकये को 13 दिन बीत चुके हैं. इन 13 दिनों के बीच कई बातें सामने आईं. कुछ ने सुशांत सिंह की मौत को मर्डर बताया. कुछ ने CBI जांच की भी मांग की. तो कुछ ने सुशांत के इस कदम के पीछे नेपोटिज़्म को कारण बताया. पुलिस के हवाले से भी कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि सुशांत पिछले छह महीने से डिप्रेशन से जूझ रहे थे.

सुशांत सिंह की मौत के बाद सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड में तमाम तरह के आरोप-प्रत्यारोप लग रहे हैं. कंगना रनौत नेपोटिज़्म को लेकर बॉलीवुड पर आरोप लगा रही हैं, वहीं पिछले दिनों कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने आरोप लगाया था कि सुशांत सिंह राजपूत को पिछले छह महीनों में सात फिल्मों से निकाला गया था. इन सब के बीच अब परिवार की तरफ से एक स्टेटमेंट जारी किया गया है. इसमें लिखा है-

अलविदा सुशांत. दुनिया का सुशांत सिंह राजपूत हमारे लिए गुलशन था. वह खुले विचार का, बातूनी और बहुत समझदार लड़का था. वह हर चीज में इंटरेस्ट रखता था. जो सपने देखता, उसे पूरा करता, किसी वजह से उसके सपनों में रुकावटें नहीं आईं. वह दिल खोलकर हंसता. हमारे परिवार का वो गर्व और प्रेरणा था. उसका टेलिस्कोप उसके लिए खास था, जिससे वह सितारों को देखा करता था.

हम यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि अब हम उसकी हंसी नहीं सुन पाएंगे. उसकी चमकती आंखें नहीं देख पाएंगे. हम उसकी साइंस के बारे में कभी न बंद होने वाली बातें नहीं सुन पाएंगे. उसके जाने से हमारे परिवार में खालीपन हो गया है, जो कभी नहीं भर पाएगा. वह अपने फैन्स से सच में प्यार करता था. हमारे गुलशन को इतना प्यार देने के लिए शुक्रिया.

उसके दिल के करीब रहे सिनेमा, साइंस और स्पोर्ट्स में नए टैलेंट को सपोर्ट करने के लिए परिवार सुशांत की याद में सुशांत सिंह राजपूत फाउंडेशन (SSRF) बनाएगा. उसके राजीव नगर, पटना स्थित आवास को मेमोरियल में तब्दील किया जाएगा. यहां उसके पर्सनल सामान, जैसे उसकी हज़ारों किताब, टेलिस्कोप, फ्लाइट सिम्युलेटर समेत बाकी की चीजें उसके फैन्स और शुभचिंतकों के लिए होंगी. साथ ही उसकी यादों को बनाए रखने के लिए उसके फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट को लीगेसी अकाउंट के तौर पर चलाया जाएगा.

परिवार ने उन सभी को शुक्रिया कहा. हाल ही में पटना स्थित आवास पर परिवार ने शोक सभा भी आयोजित की थी. जहां केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, मनोज तिवारी और अन्य नेताओं ने परिवार से मुलाकात की थी. मनोज तिवारी ने तो महाराष्ट्र सरकार से इस केस में CBI जांच कराने की अपील की थी. उनका कहना था कि जिसने कम उम्र में मां को खोने पर भी आत्महत्या नहीं की, वो अब कैसे कर सकता है.. फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत फंदे में लटकने की वजह से ‘दम घुटने’ से हुई.

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